कैसे पियूष पांडे ने प्यार और खुशियों से बनाया भारतीय विज्ञापन का जादू

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पियूष पांडे की कहानी: Googly Woogly Woosh और Cadbury Girl जैसी रचनाओं से उन्होंने भारतीय विज्ञापन को दिल और भावनाओं से जोड़ा।

मैं, करणवीर सिंह, पिछले आठ वर्षों से ब्लॉगिंग और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में काम कर रहा हूँ। मुझे हमेशा से लोगों की कहानियाँ लिखना और उनके अंदर छिपी प्रेरणा को उजागर करना पसंद है। आज मैं बात कर रहा हूँ उस महान रचनात्मक व्यक्ति की, जिसने भारतीय विज्ञापन की दुनिया को भावनाओं से भर दिया — पियूष पांडे। उनके काम ने यह साबित किया कि विज्ञापन सिर्फ उत्पाद बेचने के लिए नहीं होता, बल्कि यह लोगों के दिलों में जगह बनाने का माध्यम भी होता है।

पियूष पांडे: भारतीय विज्ञापन का जादूगर

पियूष पांडे ने भारतीय विज्ञापन की भाषा ही बदल दी। उनके बनाए जिंगल और कैम्पेन सिर्फ यादगार नहीं रहे, बल्कि हर घर और दिल में उतर गए। Fevicol का “जोड़ लगा के हईशा”, Asian Paints का “हर घर कुछ कहता है”, और Cadbury Dairy Milk का “असली स्वाद ज़िंदगी का” — ये सिर्फ ऐड नहीं थे, बल्कि हमारी यादों का हिस्सा बन गए।

उनकी रचनाओं में हमेशा इंसानियत और भावनाएँ झलकती थीं। पियूष पांडे का मानना था कि अच्छे विज्ञापन का सूत्र किसी रणनीति में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में छिपे छोटे-छोटे पलों में होता है। उन्होंने दिखाया कि जब विज्ञापन दिल को छू जाए, तो वह सिर्फ बेचने के बजाय लोगों के अनुभव का हिस्सा बन जाता है।

Googly Woogly Woosh: प्यार से बना ऐड

1990 के दशक में जब हर विज्ञापन चमक-दमक और सुंदरता पर आधारित था, तब पियूष पांडे ने सादगी और प्यार को चुना। Ponds Cold Cream के लिए उनका विज्ञापन “Googly Woogly Woosh” आज भी लोगों की यादों में बसता है।

इस ऐड की प्रेरणा उनके निजी जीवन से आई थी। उनकी पत्नी, नीता पांडे, अक्सर उनके गालों को हँसते हुए दबा देती थीं। उस मासूम और सच्चे प्यार भरे पल को पियूष पांडे ने सार्वभौमिक भाव में बदल दिया। उन्होंने इसे सिर्फ विज्ञापन नहीं बनाया, बल्कि एक भावना की तरह पेश किया, जिसे हर दर्शक महसूस कर सके।

ऐड की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी थी। न कोई बड़ा सेट, न कोई ग्लैमरस चेहरा, केवल प्यार और छोटी-छोटी खुशी की झलक। यह विज्ञापन दर्शकों के दिलों में उतर गया और Ponds को सिर्फ स्किनकेयर प्रोडक्ट से ऊपर उठाकर एक भावनात्मक ब्रांड बना दिया।

Cadbury Dairy Milk Girl: मासूमियत और खुशी की कहानी

कुछ साल बाद, पियूष पांडे ने Cadbury Dairy Milk के लिए एक ऐड बनाया, जिसने चॉकलेट और खुशी के बीच का रिश्ता दिखाया। उस समय Cadbury को बड़ी चुनौती थी: ब्रांड को केवल बच्चों तक सीमित मानने की सोच को बदलना। पियूष पांडे ने यह लक्ष्य पूरा किया और दिखाया कि चॉकलेट हर उम्र के व्यक्ति के लिए खुशी का प्रतीक हो सकता है।

उन्होंने Shimona Rashi नाम की लड़की को इस ऐड में लिया। Shimona पेशे से डांसर नहीं थीं, लेकिन उनकी सहजता और खुशी भरी हरकतें पियूष पांडे की सोच के लिए परफेक्ट थीं। उनका नाचना, मुस्कुराना और हर पल में असली खुशी दिखाना इस ऐड को भारतीय विज्ञापन इतिहास में एक खास स्थान दिलाता है।

इस ऐड के माध्यम से पियूष पांडे ने यह साबित किया कि अच्छा विज्ञापन किसी मॉडल या बनावटी परफॉर्मेंस से नहीं, बल्कि जीवन की वास्तविक भावनाओं से बनता है। “Asli Swaad Zindagi Ka” केवल टैगलाइन नहीं, बल्कि हर दर्शक के लिए जीवन का एक उत्सव बन गया।

पियूष पांडे के प्रमुख ऐड्स और उनके प्रभाव

वर्षब्रांडजिंगल/कैम्पेनप्रभाव
1990Fevicolजोड़ लगा के हईशाहास्य और यादगार
1990Asian Paintsहर घर कुछ कहता हैघर की भावनाओं को जोड़ा
1994Cadbury Dairy Milkअसली स्वाद जिंदगी काखुशी और मासूमियत दर्शाई
1998Ponds Cold CreamGoogly Woogly Wooshप्यार और अपनापन महसूस कराया

पियूष पांडे का विज्ञापन दर्शन

पियूष पांडे का मानना था कि विज्ञापन दिल से बनाना चाहिए। उनके अनुसार, भावनाएँ > रणनीति। उन्होंने हमेशा दिखाया कि अगर विज्ञापन दर्शक के दिल को छू जाए, तो ब्रांड अपने आप ही लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है।

उनकी रचनाओं में संगीत और दृश्य हमेशा भावनाओं के साथ जुड़े हुए थे। Cadbury Dairy Milk का ऐड ही लें — संगीत और जिंगल को इतना जीवंत बनाया गया कि यह किसी गीत की तरह लोगों के दिलों में बस गया।

पियूष पांडे की विरासत

पहलूयोगदानप्रभाव
भावनात्मक विज्ञापनGoogly Woogly Woosh, Cadbury Girlदर्शकों के दिलों में जगह बनाई
रचनात्मकताFevicol, Asian Paintsभारतीय विज्ञापन की शैली बनाई
प्रेरणानिजी जीवन के छोटे पलब्रांड और इंसान को जोड़ना

पियूष पांडे ने यह सिखाया कि विज्ञापन सिर्फ उत्पाद नहीं बेचते, बल्कि इंसानियत और भावनाओं का प्रदर्शन भी होते हैं। उनकी विरासत आज भी नए विज्ञापनकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

निष्कर्ष: प्यार, सादगी और रचनात्मकता का दूसरा नाम

पियूष पांडे की कहानी हमें यह दिखाती है कि इंस्पिरेशन हमारे अपने जीवन के छोटे पलों में छिपी होती है। चाहे पत्नी का स्नेह हो या Shimona Rashi की सहजता, हर छोटी बात में एक बड़ी कहानी होती है।

उनका मानना था कि सबसे अच्छा विज्ञापन वह है जो दिल को छू जाए, सिर्फ दिमाग को नहीं। और शायद यही कारण है कि उनके बनाए हर जिंगल और कैम्पेन आज भी लोगों की यादों में जीवित हैं।

पियूष पांडे – वह इंसान जिसने हमें सिखाया कि असली स्वाद जिंदगी का भावनाओं और प्यार में बसता है।

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