Tulsi Ji Ki Aarti और Tulsi Vivah 2025 की तिथि, महत्व, पूजा विधि, उपाय, लाभ और नियमित तुलसी पूजा के लाभ जानिए सरल और विस्तृत जानकारी में।
नमस्कार, मेरा नाम Karanveer Singh है। मैं पिछले 8 साल से Blogging और Digital Marketing में काम कर रहा हूँ। आमतौर पर मैं Bikes और नई Technology पर लिखता हूँ क्योंकि बाइक्स मेरे लिए सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि एक जुनून हैं। लेकिन मैं यह भी मानता हूँ कि हमारी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को समझना और आगे बढ़ाना उतना ही ज़रूरी है। इसलिए आज मैं आपके लिए Tulsi Ji Ki Aarti और तुलसी विवाह 2025 की पूरी जानकारी लेकर आया हूँ, ताकि यह लेख पढ़कर आप इस पवित्र पर्व को सही विधि के साथ घर में मना सकें।
तुलसी जी का महत्व और पौराणिक इतिहास
तुलसी को हिन्दू धर्म में माता का स्थान दिया गया है। ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी स्वयं तुलसी के रूप में गृहस्थ जीवन की रक्षा करती हैं। श्रीहरि विष्णु तुलसी को अत्यंत प्रिय मानते हैं और इसी कारण तुलसी पत्र के बिना किसी भी पूजा को पूर्ण नहीं माना जाता। तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा का आधार माना जाता है, जो वातावरण को शुद्ध करता है और रहने वाले लोगों के जीवन में संतुलन, स्वास्थ्य और मन की शांति बनाए रखता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी माता का विवाह भगवान विष्णु से होने के पीछे उनकी तपस्या और भक्ति का परिणाम था। इसी प्रेम और समर्पण की कथा को हर वर्ष तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व Kartik माह में देवउठनी एकादशी के अगले दिन सम्पन्न होता है और इसी दिन से विवाहों का शुभ समय प्रारम्भ होता है।
Tulsi Vivah 2025 का शुभ समय और विशेषताएँ
साल 2025 में तुलसी विवाह का विशेष महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस समय ग्रहों और नक्षत्रों के संयोग से शुभ फल और अधिक प्राप्त होता है। इस दिन शाम के शुभ मुहूर्त में तुलसी माता को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और भगवान विष्णु या शालिग्राम जी से उनका विवाह कराया जाता है। परिवार के हर सदस्य की भागीदारी से यह उत्सव और भी पवित्र और आनंदमय हो जाता है।
Tulsi Vivah के साथ ही घर में सुख, सौभाग्य और समृद्धि के नए चरण की शुरुआत होती है। यह केवल धार्मिक विधि नहीं बल्कि परिवारिक सामंजस्य और प्रेम का संदेश देने वाला उत्सव है।

तुलसी विवाह की पूजा विधि और Tulsi Ji Ki Aarti का महत्व
जब सांझ के समय दीपक की रोशनी और भक्ति के स्वर वातावरण में फैलते हैं, तब तुलसी माता का आंगन में सुसज्जित होना अद्भुत सौंदर्य प्रस्तुत करता है। सुहाग की सामग्री जैसे चुनरी, चूड़ियाँ, सिंदूर और फूलों से उनका श्रृंगार किया जाता है। हल्दी और कुमकुम से उनका पूजन कर भगवान नारायण को निमंत्रण दिया जाता है और मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न कराया जाता है।
पूरी पूजा के समापन पर Tulsi Ji Ki Aarti अत्यंत आवश्यक मानी गई है। यह आरती न केवल पूजा को पूर्ण करती है, बल्कि मन और घर दोनों में सकारात्मकता और दिव्यता का संचार करती है। भक्त जब श्रद्धा से तुलसी माता की आरती गाते हैं, तो उनके भीतर भक्ति का भाव और अधिक प्रबल होता है तथा वातावरण में शांति और ऊर्जा फैलती है।
Tulsi Ji Ki Aarti – पूरा पाठ
आरती तुलसी माता की की जाये
हरी के चरणों में तुलसी विराजे
गंगा की धारा में तुलसी समाई
शंकर के चरणों में तुलसी समाई
जय-जय तुलसी माता, सुख संपत्ति दाता
हरि की प्रिये, अमर सुहागन
तुमको नित नमण हमारा
Tulsi Ji Ki Aarti के शब्द जितने सरल हैं, उतने ही गहरे और शक्तिपूर्ण। यह आरती भक्ति और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। दिन की शुरुआत या पूजा के अंत में इसे गाने से घर में दिव्यता और शांति बनी रहती है।
विवाह योग्य युवाओं और दांपत्य जीवन के लिए विशेष लाभ
तुलसी विवाह का सीधा संबंध गृहस्थ जीवन के सुख से माना गया है। ऐसा विश्वास है कि जो अविवाहित युवा तुलसी विवाह में भाग लेते हैं, उनके विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं और शुभ विवाह के अवसर प्रबल होते हैं। वहीं विवाहित दंपति यदि इस दिन Tulsi Ji Ki Aarti के साथ पूजा करते हैं, तो उनके रिश्ते में प्रेम, समझ और स्थिरता बढ़ती है।
घर के बुजुर्ग कहते हैं कि तुलसी माता का आशीर्वाद दांपत्य जीवन को मिठास और शक्ति प्रदान करता है। इसलिए इस पर्व को पूरे मन से मनाना आवश्यक माना गया है।
धार्मिक महत्व के साथ वैज्ञानिक दृष्टि
तुलसी केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य का भी आधार है। यह वायु को शुद्ध करने की क्षमता रखती है और उसके आसपास रहने वाले लोगों के तनाव स्तर को कम करने में भी सहायक होती है। सुबह-शाम तुलसी के पास दीया जलाना वातावरण को शुद्ध करने वाला माना गया है और यह घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है। Tulsi Ji Ki Aarti के समय जब दीपक की लौ और मंत्र ध्वनि एक साथ मिलती है, तो मन को शांति और ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है।
मेरा अनुभव और निष्कर्ष
मैं Karanveer Singh, जीवन में चाहे जितनी भी तकनीक और आधुनिकता आ जाए, हमारी संस्कृति और घर की आस्था हमें हमेशा अपने मूल से जोड़े रखती है। तुलसी विवाह और Tulsi Ji Ki Aarti हमारे घर के सौभाग्य की रक्षा करती है और मन को आध्यात्मिक मजबूती देती है। यही कारण है कि मैं यह जानकारी अपने पाठकों तक पहुँचा रहा हूँ, ताकि इस वर्ष आप तुलसी विवाह को पूरे प्रेम, आस्था और सही विधि के साथ मना सकें।
Tulsi Ji Ki Aarti का नियमित पाठ आपके जीवन में शांति, स्वास्थ्य, प्रेम और खुशहाली को बनाए रखता है। तुलसी माता के आशीर्वाद से हर घर में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का प्रसार होता है।








